अंकशास्त्र - मूलांक 4

                                             अंकशास्त्र                                                                                             मूलांक 4


आज हम बात करेंगे मूलांक ४ की यह अंक का स्वामी राहु है । जिन व्यक्तियों का जन्म 4, 13, 22 व 31 तारीख को हुआ हो, उनका होता है। इस अंक का प्रतिनिधित्व हर्षल ग्रह करता है ।  जो एक छाया ग्रह है । ज्योतिष में हम दो ग्रहो को छाया ग्रह कहते है  ।जिन लोगो का नंबर ४ होता है । ऐसे लोग महत्वकांशी, तेज़ बुदि ,भोगवादी और सवेंदनशील होते है राहु एक ऐसा ग्रह  है  ।जो किसी भी आदमी  के जीवन में अचानक बदलाव लाता है राहु के साथ एक शब्द जुड़ा होता है । जल्दी और अचानक अंक ४ से जुड़े लोग पैसे प्रिये होते है और अपने फायदे के लिए कुछ भी कर सकते है  ।राहु की एक बात और भी महत्वपूर्ण होती है  । कि  ऐसे लोगो के पारिवारिक रिश्ते कमजोर होते है । क्योकि यह रिश्ते मजबूत नहीं होने देता राहु जीवन में केवल एक चीज़ का ही सुख देता है । या तो परिवार या बिज़नेस/सफलता राहु कभी कभी गुप्त शत्रु भी पैदा कर देता है ।

राहु की एक बात और है कि कहीं न कही यह आदमी में चोरी की आदत भी डाल देता है  । राहु वाले लोग महेनती  होते है । अगर कोई समस्या आती है  । तो यह लोग जल्दी घबरा जाते है  ।कोई भी फैसला न लेना या जल्दी न लेना या सही दिशा न मिल पाना इनका स्वाभाव हो जाता है । 

ऐसे लोग फिल्म ,मीडिया  और टीवी प्लोइटिस ,लॉ में अच्छा काम करते है ।

मूलांक १,२,और ७ वाले लोगो से इनकी  अच्छी बनती है और यह मूलांक वाले लोग इनके लिए जायदा लकी भी रहते है ।

 उपाय- भगवन शिव की आराधना नित्य करे ताकि परेशानी कम हो और सही दिशा मिल सके ।

सोमवार तथा चतुर्थी व्रत करें। गणेशजी की पूजन-उपासना कष्ट कम करेगी। 

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